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Saturday, June 27, 2009

उलूक



कितनी विचित्र विडम्बना है कि लोगों का मित्र जो आपके शत्रुओं से आपकी रक्षा करे, उसे आप बतौर गाली लें.जी हां, बात हो रही है उलूक की. जब आप गहरी नींद मेम होते हैं तब शत्रु कीटों,जंतुओं से आपकी रक्षा यही उलूक ही करते हैं.भारतीय पौराणिक कथाओं में देवी लक्ष्मी के वाहक यही हैं. एक रात हमने भी उनके सा्थ यों गुजारी---आप भी देखें तस्वीरों की जबानी.....

6 comments:

  1. शानदार चित्र हैं........... स्वागत है आपका

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  2. प्रयास सार्थक,चित्र अच्छे लगे.आप सबको हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनायें.

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  3. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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